19 जनवरी 2020 - 18:09
प्रदर्शनकारियों के कंबल का पैसा कौन देगा? योगी की पुलिस पर लगा चोरी का आरोप?

भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के घंटाघर पर विवादित नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के ख़िलाफ़ महिलाएं आंदोलन कर रही हैं। शनिवार को देर रात यूपी की योगी सरकार की पुलिस के अधिकारियों ने महिलाओं को धरना स्थल से हटाने की अलग-अलग तरह की कोशिश की।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में योगी की पुलिस के अधिकारी प्रदर्शनकारियों के कंबल और बर्तन ले जाते दिख रहे हैं। इसके बाद रविवार की सुबह ट्विटर पर #KAMBALCHOR_UPPOLICE ट्रेंड करने लगा। इसको लेकर लोगों ने यूपी पुलिस की ख़ूब आलोचना की है। सोशल मीडिया पर एक यूज़र ने लिखा है, ''पुलिस ने कंबल और रज़ाई छीन लिए फिर भी महिलाएं सर्द रात में डटी हुई हैं।'' एक अन्य यूज़र ने यूपी पुलिस को टैग करते हुए लिखा है अपने पुलिसकर्मियों के लिए कंबल और भोजन की व्यवस्था क्यों नहीं करते, शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने वालों को लूट रहे हैं।

दूसरी ओर योगी की पुलिस ने एक बयान जारी करके अपनी सफाई दी है। इस सफाई में अफ़वाह न फैलाने की अपील के साथ कहा गया है, "घंटाघर पार्क में अवैध रूप से चल रहे धरना प्रदर्शन में कुछ संगठनों ने कंबल बाँटे थे। आसपास के लोग बड़ी संख्या में जो धरने में शामिल नहीं थे, वो भी कंबल लेने आ रहे थे। पुलिस ने कंबल और संगठन के लोगों को हटाया और कंबलों को विधिक तरीके से कब्ज़े में लिया।"

इस बीच भारत भर में विवादित नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ चल रहा विरोध-प्रदर्शन लगातार फैलता जा रहा है। दिल्ली के शाहीन बाग़ की शैली पर पूरे भारत में महिलाएं बहुत बड़ी संख्या में बाहर निकलकर इस विवादित क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही हैं। दूसरी ओर केंद्र की मोदी सरकार सहित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए हर तरह के हथकंड़े अपना रहे हैं लेकिन इन सबके बावजूद इन प्रदर्शनों की चिंगारी अब आग बन चुकी है।